बाढ़ राहत शिविर में बच्चों ने सीखी मंजूषा पेंटिंग, देखिए कैसे मिली राहत

MyBhagalpur Team19 September 20261 min read14 viewsDevelopment and good news
बाढ़ राहत शिविर में बच्चों ने सीखी मंजूषा पेंटिंग, देखिए कैसे मिली राहत

भागलपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज में चल रहे बाढ़ राहत शिविर से उम्मीद और सकारात्मकता की तस्वीर सामने आई है। शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों के बच्चे और महिलाएं मंजूषा पेंटिंग सीख रहे हैं। इस कलात्मक पहल से विस्थापन का तनाव दूर हो रहा है और बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौट रही है।

  • बाढ़ राहत शिविर में बच्चे सीख रहे हैं मंजूषा पेंटिंग
  • मंजूषा गुरु मनोज पंडित दे रहे हैं कला की शिक्षा
  • बिहार सरकार और जिला प्रशासन की सराहनीय पहल

मंजूषा गुरु सिखा रहे हैं पारंपरिक लोककला

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राहत शिविर में नामचीन मंजूषा गुरु मनोज पंडित खुद मौजूद रहकर बच्चों और महिलाओं को इस प्राचीन अंगिका लोककला के नियम, रेखाएं और रंगों के संयोजन की शिक्षा दे रहे हैं। बच्चे पूरे उत्साह और तन्मयता के साथ रंग और कूची थामकर कागज पर मंजूषा कला के पारंपरिक पात्रों (बिहुला-विषहरी) को उकेर रहे हैं। मनोज पंडित ने बताया कि इन बच्चों में मंजूषा पेंटिंग सीखने को लेकर अद्भुत उत्साह और हौसला है। बाढ़ की इस विभीषिका के बीच कला से जुड़कर बच्चों का मानसिक तनाव दूर हो रहा है और उनके चेहरे पर रौनक लौट आई है।

प्रशासन की ओर से चल रहा है अस्थायी विद्यालय

बिहार सरकार के निर्देश पर भागलपुर जिला प्रशासन की ओर से इस बाढ़ राहत शिविर में बच्चों के लिए एक अस्थायी विद्यालय भी संचालित किया जा रहा है। यहां शिक्षकों की देखरेख में बाढ़ प्रभावित बच्चों की नियमित पढ़ाई कराई जा रही है। राहत शिविर में केवल राशन और आश्रय देने तक ही सीमित न रहकर, बच्चों को शिक्षा, कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की जिला प्रशासन की पहल सराहनीय साबित हो रही है। इस कवायद से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होने से बच रहा है और शिविर का माहौल खुशनुमा हो गया है।

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