भागलपुर के नारायणपुर प्रखंड के कसमाबाद गांव में गंगा नदी की उपधारा ने भयंकर रूप ले लिया है। इस विनाशकारी कटाव से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और लोग काफी लाचार नजर आ रहे हैं। एक दर्जन से अधिक आशियाने गंगा में समा गए हैं तथा ग्रामीण खुद अपने घरों को तोड़कर सामान निकाल रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पक्का मकान बनाने में उनकी जीवन भर की कमाई लग गई थी जिसे वे खुद तोड़ने को मजबूर हैं।
घर नदी में विलीन होने से कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं और वे अस्थायी झोपड़ी बनाकर रहने लगे हैं। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन भी कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कटावरोधी कार्य होते तो यह तबाही नहीं होती।
प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन और सरकार से राहत, मुआवजा और पुनर्वास की मांग की है।