भागलपुर के बीएन कॉलेज में बिहार इतिहास कांग्रेस का दो दिवसीय 50वां स्वर्ण जयंती सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश भर के इतिहासकार, शोधकर्ता, प्रोफेसर और छात्र शामिल हुए, जिसमें जेएनयू और अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
- भागलपुर के बीएन कॉलेज में आयोजित हुआ दो दिवसीय कार्यक्रम
- बिहार की सांस्कृतिक विरासत पर हुई चर्चा
- नई कार्यकारिणी समिति की घोषणा की गई
इतिहासकार प्रो. हितेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित इस संगोष्ठी में प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक और समकालीन इतिहास पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने राजाओं और राजवंशों की पारंपरिक कहानियों से आगे बढ़कर स्थानीय इतिहास, लोक संस्कृति और हाशिए के समुदायों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह सम्मेलन युवा विद्वानों के लिए वरिष्ठ इतिहासकारों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच रहा।
कार्यक्रम के दौरान बिहार इतिहास कांग्रेस ने अपनी नई कार्यकारिणी समिति की घोषणा की।
जेएनयू के प्रो. दीपक कुमार को जनरल प्रेसिडेंट और दरभंगा के प्रो. विश्वंभर झा को संरक्षक बनाया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो. चारू गुप्ता और पटना के प्रो. ओपी जैसवाल को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। अन्य नियुक्तियों में प्रो. दयानंद राय को सचिव, प्रो. अमरकांत सिंह को कोषाध्यक्ष, और प्रो. केके मंडल तथा प्रो. रेनू कुमारी को संयुक्त सचिव बनाया गया। इसके अलावा प्रो. दयानंद राय, प्रो. मयंक, प्रो. संतोष कुमार राय और प्रो. पुष्पा कुमारी को संभाग प्रमुख बनाया गया। कार्यकारी निकाय में 16 वरिष्ठ विद्वान भी शामिल हैं। आयोजन सचिव प्रो. Dayanand Rai और बीएन कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।